मंगलवार, 26 फ़रवरी 2013

"साँवरिया" चेरिटेबल ट्रस्ट की धर्मार्थ सदस्यता ग्रहण करना चाहते है अथवा आर्थिक सहयोग करने के इच्छुक है


मानवता की सेवा मे समर्पित "साँवरिया"

आज के इस कलियुग मे भी कहीं ना कही, किसी ना किसी रूप मे इंसानियत की सेवा करने वाले इंसान मोजूद है इसका जीता जागता उदाहरण है - मानवता की सेवा मे समर्पित "साँवरिया", राजस्थान के भीलवाड़ा शहर के निवासी रामनारायण जी लढा के पुत्र श्री कैलाशचंद्र लढा जिन्होने 7 वर्ष पूर्व किसी ग़रीब परिवार की दर्दनाक कहानी से द्रवित होकर देश के ग़रीबों ओर निराश्रितों के उत्थान ओर विकास के लिए यथाशक्ति प्रयास करना शुरू किया| जिसके लिए उन्होने अपनी आमदनी का १० प्रतिशत हिस्सा बचाकर इस कार्य मे लगाना शुरू किया था जो आज तक अनवरत जारी है उन्होने इस कार्य के लिए वेबसाइट बनाकर इसकी शुरुआत की है इसके बाद फ़ेसबुक पर भी "साँवरिया" के नाम से ग्रूप बनाया जिसमे हज़ारों लोग इनके विचारों से जुड़ने लगे| इन्होने वृक्षारोपन, निर्धन कन्याओ के विवाह मे आर्थिक सहयोग, पशु पक्षियों के चारे पानी, निर्धन बेसहारा व्यक्तियों के रोज़गार, निर्धनो के लिए निःशुल्क दवाइयाँ वितरण करवाने के लिए मानवता की सेवा मे समर्पित "साँवरिया" नाम से एक चेरिटेबल ट्रस्ट की स्थापना की ओर कई सामाजिक कार्यों का सफलतापूर्वक संपादन किया| उनके अनुसार कलियुग में राष्ट्र सेवा, गौ सेवा, और दीन दुखियों की सेवा ही सबसे बड़ा पुण्य का काम है

"साँवरिया" का मुख्य उद्देश्य सम्पूर्ण भारत में गरीबों, दीन दुखियों, असहाय एवं निराश्रितों के उत्थान के लिए यथाशक्ति प्रयास करना है

"साँवरिया" के अनुसार यदि भारत का हर सक्षम व्यक्ति अपने बिना जरुरत की वस्तु/कपडे/किताबे और अपनी धार्मिक कार्यों के लिए की गयी बचत आदि से सिर्फ एक गरीब असहाय व्यक्ति की सहायतार्थ देना शुरू करे तो भारत से गरीबी, निरक्षरता, बेरोजगारी और असमानता को गायब होने में ज्यादा समय नहीं लगेगा |

आज भी देश में ३० करोड़ से ज्यादा भाई बहिन भूखे सोते हैं अतः भारत के उच्च परिवारों की जन्मदिन/विवाह समारोह एवं कार्यक्रमों में बचे हुए भोजन पानी जो फेंक दिया जाता है यदि वही भोजन उसी क्षेत्र मैं भूखे सोने वाले गरीब और असहाय व्यक्तियों तक पहुंचा दिया जाये तो आपकी खुशिया दुगुनी हो जाएगी और आपके इस प्रयास से देश में भुखमरी से मरने वाले लोगो की असीम दुआए आपको मिलेगी तथा देश में भुखमरी के कारण होने वाली लूटपाट/ चोरी/ डकेती जैसी घटनाएँ कम होकर देश में भाईचारे की भावना फिर से पनपने लगेगी और एक दिन एसा भी आएगा जब देश में कोई भी भूखा नहीं सोयेगा |

"साँवरिया" का लक्ष्य ऐसे भारत का सपना साकार करना है जहाँ न गरीबी/ न निरक्षरता/न आरक्षण/ न असमानता/ न भुखमरी और न ही भ्रष्टाचार हो| चारो ओर सभी लोग सामाजिक और आर्थिक रूप से सक्षम और विकसित हो, जहाँ डॉलर और रुपया की कीमत एक समान हो और मेरा भारत जो पहले भी विश्वगुरु था उसका गौरव फिर से पहले जैसा हो जाये |

उन्होने कहा कि जीवन में  कई  सारे  अनुभव  से  गुजरते  हुए  में  आज  अपने  आपको  आप  लोगों  के  सामने  स्थापित  कर  पाया  हूँ . बचपन  से  लेकर  आज  तक  आप सभी लोगो ने अपने जीवन में कई  लोगो  को  भूखे  सोते  देखा होगा, कई  लोग  ऐसे भी होते हैं  जिनके  पास  पहनने  को  कपडे  नहीं  है, किसी  को  पढना  है  पर  किताबें  नहीं  है, कई  बालक  नहीं  चाहते  हुए  भी  किस्मत  के  कारण भीख  मांगने  को  मजबूर  हो जाते है | इन  सभी  परिस्थितियों  को  हम सभी अपने जीवन में भी कही ना कही देखते  ही हैं लेकिन बहुत कम लोग ही उन पर अपना ध्यान केन्द्रित करते है या उन लोगो के बारे में सोच पाते है किन्तु भगवान् की  दया  से  मुझे  उन  सभी  की  मदद  करने  की  प्रेरणा जागृत  हुई  और  इसलिए  मेने  एक  संकल्प  लिया  है  उन अनाथ भाई बहिनों की  मदद  करने  का, जिनका  इस  दुनिया  में  भगवान् के अलावा कोई नहीं  है और मेने निश्चय किया है कि उन  भाइयों  की  मुझसे  जिस  भी  प्रकार  कि  मदद  होगी  मैं  करूँगा |यदि आप भी इस  काम  मैं  सहयोग  करना  चाहते  हैं  तो  अपनी श्रद्धानुसार तन-मन-धन से जिस भी प्रकार आप से हो सके आपके स्वयं के क्षेत्र में ही  आप  अपने  घर  मैं  जो  भी  चीज़  आपके  काम  नहीं  आ  रही  हो  जैसे   - कपडे , बर्तन , किताबे इत्यादि  को  फेंके  नहीं  और  उन्हें  किसी  गरीब  के  लिए  इकठ्ठा  कर  के  रखे  और  यदि  कोई  पैसे  की  मदद  करने  की  इच्छा  रखता  हो  तो  वो  भी  खुद  ही  रोजाना  अपनी  जेब खर्च  में  से  बचत  करना  शुरू  कर  दे  ताकि  वो भी किसी  गरीब के काम आ  सके  इस  तरह  एक  दिन  बचाते  बचाते  बिना किसी अतिरिक्त खर्च के आपके पास बहुत  सारे कपडे , बर्तन , किताबें और  पैसे  हो  जायेंगे  जो  की  उन  लोगो  के  काम  आ  जायेंगे  जिनके  पास  कुछ  भी  नहीं है |
  कलियुग में पाप तो स्वतः हो जाते हैं किन्तु पुण्य करने के लिए प्रयत्न करने पड़ते हैं

इसी लक्ष्य के साथ फेसबुक पर मानवता की सेवा मे समर्पित  "साँवरिया" ग्रूप के नाम से अपने कार्यों के लिए लोगो को साथ जोड़ना शुरू किया ओर आज उनके ग्रूप मे ६००० से ज़्यादा लोग जुड़े हुए है फेसबुक पर ही जोधपुर की श्रीमती स्वाति जैसलमेरिया जी के स्वाती नक्षत्र ग्रूप के साथियों के साथ एवं कुछ ओर साथियों के साथ मिलकर दीवाली पर पटाखो के लिए किए गये फ़िज़ूलखर्च की बजाय ग़रीब ओर निराशरितों के लिए कपड़े, गर्म कपड़े, शॉल, कंबल, मिठाइया व अन्य ज़रूरत की वस्तुए "साँवरिया और स्वाति नक्षत्र ग्रूप के पूरे भारत के विभिन्न जगह के युवा साथी स्वाति जैसलमेरिया(जोधपुर) कैलाशचंद्र लढा(भीलवाड़ा), राज मालपानी (हेदराबाद),अमित कलंत्री (नासिक),निलेश मंत्री (त्रम्ब्केश्वर ) ने हज़ारो लोगो के साथ मिलकर संयुक्त प्रयास के रूप मे भीलवाड़ा, जोधपुर, त्रियम्बकेश्वर, आंध्रप्रदेश, आदि जगहो पर फेसबुक के माध्यम से पैसा एकत्र कर वितरित किया|

इसके बाद जोधपुर मे मानवता की सेवा मे समर्पित "साँवरिया" के  श्री कैलाश चंद्र लढा व स्वाती नक्षत्र ग्रूप की संचालक व प्रख्यात लेखिका श्रीमती स्वाति जैसलमेरिया ने १४ फरवरी को वेलेनटाइन डे की जगह ""मात-पितृ पूजन दिवस""  पर साँवरिया के देशव्यापी मित्रता(सदस्यता) अभियान का आगाज़ किया और उन्होने सभी भारतीयों से अपील की कि १४ फ़रवरी को मात-पितृ पूजन दिवस के साथ हम "साँवरिया" ओर "स्वाती नक्षत्र का मित्रता(सदस्यता) अभियान का प्रायोजन कर रहे है प्रिय मित्रोँ आप सभी से करबध्द प्रार्थना एवँ विनम्र निवेदन है कि यदि आप सक्षम है तो अपने घर मुहल्ले आदि के आस पास गरीब परिवार मेँ ठंण्ड मेँ पहने जाने वाले कपड़े देँ और दूसरोँ को भी प्रेरित करेँ, यदि पुराना है तो भी कुछ न कुछ जरुर करे |


"साँवरिया" व "स्वाति नक्षत्र" का उद्देश्य ये है कि हमारे घरो मेँ बहुत सी एसी चीजे पडी रहती हैँ जैसे पुराने कपड़े, बर्तन, किताबें, दवाइयाँ व अन्य सामग्री जो हमारे लिये अनुपयोगी होती है| वो चीजेँ हमारे लिये तो अनुपयोगी होती हैँ लेकिन किसी मजबूर गरीब के लिये जीवनदायी साबित हो सकती हैँ। साँवरिया व स्वाति नक्षत्र से जुडकर आप जरुरतमंदो की मदद कर सकते है।  यदि आप भी साँवरिया ओर स्वाती नक्षत्र से जुडना चाहते है तो आप पूरे भारत मे कही भी हमारे साथ मिलकर या आपके यहाँ कुछ ऐसा सामान कपडे दवाइयाँ वगैरह पडा हुआ है उसे आप हम तक पहुँचाईए या उसे एकत्र करने हेतु साँवरिया के मित्र बनकर भी सहयोग कर सकते है आप बेहिचक हमसे सम्पर्क कर सकते हैँ। आपके द्वारा दी गयी चीजोँ को उन लोगोँ तक पहुँचाया जायेगा जिनको उसकी आवश्यकता होगी।

जो लोग नि:स्वार्थ रुप मेँ जुडना चाहते होँ उनका स्वागत है जैसा की आप सभी जानते है कि हम सभी लोग अपने दैनिक जीवन मे कही ना कही किसी ना किसी रूप मे एसे कार्य अपने स्तर पर करते रहते हैं लेकिन कई बार योग्य व्यक्ति नही मिलता या फिर समय नही मिलता इसलिए "साँवरिया और "स्वाती नक्षत्र" के संस्थापकों ने मिलकर आप सभी के सहयोग को बड़े पैमाने पर करने व इस कार्य को प्रेरणादायी बनाने के लिए मातृ पितृ पूजन दिवस १४ फ़रवरी से आप सभी सहयोगियों को साँवरिया ओर स्वाती नक्षत्र के मित्र (सदस्य) बनाकर इस अभियान की पूरे भारत मे शुरुआत की है इसका कोई शुल्क नही है केवल आपके पास अनुपयोगी वस्तुए कपड़े दवाइयाँ, किताबें व जूते या अन्य सामग्री जो आप किसी को देना चाहते हैं हम तक पहुँचाईए या हम से संपर्क कीजिए,  हम सभी मिलकर उन्हे उचित व्यक्तियों को उपलब्ध करवाएँगे
आने वाले समय में "साँवरिया" चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा निराश्रित/बेरोजगार/अनाथ लोगो के लिए यथाशक्ति अस्पताल/विद्यालय/अनाथालय/उद्यो
गों एवं गौशाला की स्थापना भी की जाएगी | जो लोग "साँवरिया" चेरिटेबल ट्रस्ट की धर्मार्थ सदस्यता ग्रहण करना चाहते है अथवा आर्थिक सहयोग करने के इच्छुक है वो निम्न "साँवरिया" के मित्रों से संपर्क करके अपनी दानराशि जमा करवाकर रसीद अवश्य प्राप्त करे

श्री कैलाशचंद्र लढा (जोधपुर) -
radhikasanwariya@gmail.com

akshaybhl2007@gmail.com,
संपर्क सूत्र - 8233390349,

श्री नरेश सिगची  (रावतसर, हनुमानगढ़) -
संपर्क सूत्र - 9829249127, 9509393377

श्री जगदीश चन्द्र लढा (भीलवाड़ा) -
संपर्क सूत्र -9887347407,

श्री जितेंद्र कुमार लढा (राजसमंद) -
संपर्क सूत्र - 9414677357

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

समर्थक

योगदानकर्ता